कविता:जिंदगी का सफर

चेहरे के भीतर क्या छुपा है? किसे पता देखने वाले को तो वह दीखता है जिसे हम दिखाना चाहते है। एक उन्मुक्त हंसी के भीतर कितनी उदासियों की भीड़ है इसे समझना आसान नहीँ है भीड़ को आखिर कौन समझ पाया है? लोग टूटे हुए हैं और सपनों को जोड़ना चाहते हैं गोयाकि चेहरा उदास है और आईने को हंसाना चाहते हैं! जिंदगी […]

Read more