Literature Life

कारवाँ बढ़ रहा है..

लिटरेचर लाइफ का खूबसूरत सफ़र ही हमारी मंज़िल है और ख़ुशी है कि इस सफ़र पर चल रहा कारवाँ बढ़ता ही जा रहा है. दो और बहुत अच्छे लेखक हमारी वेबसाइट से जुड़े हैं, और खुशकिस्मती से दोनों ही युवा ऊर्जा से भरपूर होने के साथ ही साहित्यिक अनुभवों से भी लबरेज़ हैं. भगवंत अनमोल और डॉ अबरार मुल्तानी दोनों […]

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गौतम राजऋषि जी का स्वागत करें

यह हमारा सौभाग्य है कि हमारी वेबसाइट से आज बेहद चर्चित, उम्दा और अनुभवी लेखक और कवि गौतम राजऋषि जी जुड़े हैं. जब मैंने पहले पहल गौतम जी की ग़ज़लें फेसबुक पर पढ़ीं तो मेरा अपने भाग्य पर इतराना लाज़मी था कि इतने उम्दा शायर मेरे फेसबुक मित्र हैं. फिर उनसे दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में मुलाकात हुई और उनके […]

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बर्मिंघम के भारतीय उपदूतावास में काव्य पाठ

ब्रिटेन के बर्मिंघम शहर के भारतीय उपदूतावास में स्पेनिश ईसाई संत सेंट जॉन ऑफ द क्रॉस की कविता ‘डार्क नाइट ऑफ द सोल’ का संदीप नैयर द्वारा किया हिंदी रूपांतरण का पाठ।

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डार्क नाइट – हिकमा पार्ट 1

जिन्दगी भी बड़े अजीब –अजीब से खेल दिखाती है ,कुछ चीज़ों को दिमाग भुला देता है,और कुछ को दिल, मगर पहला प्यार तो पहला ही होता है ,उसके अहसास को शब्दों मैं बयां नहीं किया जा सकता . कभी –कभी उन बातो को सोच के ऐसा लगता है कि, काश वो वक़्त समुंद्र के किनारे रेत पे लिखे नामों जैसा […]

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डार्क नाइट वाला प्यार

बारिश की एक शाम ,दिन भर झम –झम करते अब वो थक गयी थी .बड़ी खुशनुमा शाम थी, कबीर और माया एक दूसरे का हाथ थामे लंदन की गलियों मैं चहलकदमी कर रहे थे . कबीर अपनी जिन्दगी से खुश नज़र आ रहा था ,एक नज़र उसने माया की तरफ डाली ,ये वही पल था जब माया और कबीर दोनों […]

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डार्क नाइट – मीरा पार्ट 2

होली प्यार और रंगों का त्योहार हम हिन्दुस्तानियों की बहुत सारी खूबियों मैं एक खूबी ये है कि हम घर से कितनी भी दूर रहे, मगर अपना त्योहार मनाना नहीं भूलते और  बात अगर होली जैसे त्योहार की हो तो क्या कहने . पिछले कुछ सालो से ‘काम’ अपने नोट्टिंग हिल वाले बंगले पे होली का आयोजन करता था. ‘तुम्हे […]

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डार्क नाईट – मीरा पार्ट 1

डार्क नाईट – मीरा ‘रोहित क्या किसी का नाम “काम” हो सकता है?’ गाड़ी में अपना सामना रखते हुए मीरा ने कहा . ‘क्या?’ रोहित ने सीट बेल्ट लगाते हुए आश्चर्य से कहा ‘हाँ मुझे बभी बड़ा अजीब सा नाम लगा’ . कार Heathrow एअरपोर्ट से निकल कर सेंट्रल लंदन की और दौड़ लगा रही थी . ‘हाँ, कुछ तो अजीब सा […]

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नायक की यात्रा कैसी होती है?

कुछ दिनों पहले मैंने लिखा था कि ऐतिहासिक और पौराणिक सन्दर्भों पर लिखने वाले लेखकों को विश्व प्रसिद्ध मिथक विशेषज्ञ जोसफ कैम्पबेल की दो किताबें, ‘द पॉवर ऑफ़ मिथ’ और ‘इनर रीचेस ऑफ़ द आउटर स्पेस : मिथ्स एस मेटाफर्स एंड एस रिलिजन’ ज़रूर पढ़नी चाहिएँ. जोसफ कैम्पबेल ने अपना पूरा जीवन विश्व के समस्त धर्मों और पुरातन संस्कृतियों के […]

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आलोचनाओं को लेखक किस तरह लें?

बहुत से लेखक, खासतौर पर नए लेखक प्रतिकूल आलोचनाओं से बहुत जल्दी व्यथित हो जाते हैं. अपनी रचना की आलोचना सहना सरल नहीं होता. जिसमें इतना समय लगाया, इतनी मेहनत की, इतनी रातें जगीं, पत्नी/पति/प्रेमिका/प्रेमी की नाराज़गी सही, बच्चों को डाँटा, बॉस की डाँट खाई, प्रकाशकों की मिन्नतें कीं, प्रमोशन में सिर खपाया, वही रचना आलोचक को पसंद नहीं आई. […]

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