इरॉटिक टैबू क्यों है?

इरॉटिक पर जब भी कुछ लिखना चाहता हूँ ब्रिटिश लेखिका शर्ली कॉनरैन का उपन्यास लेस बरबस याद आ जाता है. लेस को मैंने कई बार पढ़ा है. यह एक ट्रेंड सेटर उपन्यास रहा है. शर्ली कॉनरैन ने लेस को किशोर छात्राओं के लिए एक सेक्स इंस्ट्रक्शन मैन्युअल के रूप में लिखना शुरू किया था मगर अंत में उसने एक उपन्यास […]

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ख़ैर-मक़्दम करें सत्य व्यास का

सत्य व्यास के जुड़ने से लिटरेचर लाइफ के गौरव को एक नया आयाम मिला है. सत्य व्यास न सिर्फ़ साहित्य विशारद हैं बल्कि उनका फिल्मों का ज्ञान भी अद्भुत है. मेरी नज़र में सत्य इकलौते ऐसे लेखक हैं जो साहित्य पर फ़िल्मी और फिल्मों पर साहित्यिक अंदाज़ से लिखने की महारत रखते हैं. आइए लिटरेचर लाइफ में ख़ैर-मक़्दम करें सत्य […]

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एक खत मनुष्य को पूरा करने वाली आबादी के नाम

हैलो आधी आबादी सलाम आज फिर एक खबर पढ़ा अखबार में और फिर उस पर लोगों की भद्दी टिप्पणीयां। कुछ लोगों ने गुस्सा भी दिखाया और फाँसी की मांग कर डाली। अखबार हाथ में पकडे ही मैं सोचने लगा की कोई एसा कैसे कर सकता है?          समझ में ये आया कि बलात्कार और उस पर ये […]

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इस तिमाही की बेस्ट सेलर किताबें

दैनिक जागरण की तिमाही बेस्ट सेलर लिस्ट आज जारी हुई है। सत्य व्यास की बनारस टॉकीज़ तो अब चक्रवर्ती सिद्ध हो चुकी है ? भगवंत अनमोल की ज़िंदगी 50 50 ने लिस्ट में अपनी जगह कायम रखी है। आलोक कुमार की ‘द चिरकुट्स’ ने भी थोड़े इंतज़ार के बाद ही सही मगर बेस्ट सेलर लिस्ट अपनी जगह बना ली है। […]

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नाम लिटरेचर लाइफ क्यों?

एक प्रश्न उठा है कि हिंदी साहित्य की वेबसाइट का नाम ‘लिटरेचर लाइफ’ क्यों? अंग्रेज़ी नाम क्यों, हिंदी नाम क्यों नहीं? मेरे पास कोई विशेष उत्तर नहीं है. जिसने वेबसाइट बनाई उसने यूआरएल http://literature.life/ बना दिया, मैंने वेबसाइट का नाम भी वही रख दिया, लिटरेचर लाइफ. इंग्लैंड में रहता हूँ इसलिए मुझे अंग्रेज़ी का विरोध करने का कोई ख़ास कारण नज़र नहीं […]

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त्याग_नहीं_प्यार_कहो

बुरे समय के लिये बचाये गये पैसों से, तिनका तिनका जोड़ कर अपने खुद के घर के लिये बचाये पैसों से, अपने कपड़ों की क्वालिटी और क्वान्टिटी दोनों में ही समझौता करके बचाये गये पैसों से, पूरे दिन में तीन की जगह एक कप चाय को ही दो बार बांट कर बचाये गये पैसों से, फीस दी जाती रही हम […]

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कारवाँ बढ़ रहा है..

लिटरेचर लाइफ का खूबसूरत सफ़र ही हमारी मंज़िल है और ख़ुशी है कि इस सफ़र पर चल रहा कारवाँ बढ़ता ही जा रहा है. दो और बहुत अच्छे लेखक हमारी वेबसाइट से जुड़े हैं, और खुशकिस्मती से दोनों ही युवा ऊर्जा से भरपूर होने के साथ ही साहित्यिक अनुभवों से भी लबरेज़ हैं. भगवंत अनमोल और डॉ अबरार मुल्तानी दोनों […]

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गौतम राजऋषि जी का स्वागत करें

यह हमारा सौभाग्य है कि हमारी वेबसाइट से आज बेहद चर्चित, उम्दा और अनुभवी लेखक और कवि गौतम राजऋषि जी जुड़े हैं. जब मैंने पहले पहल गौतम जी की ग़ज़लें फेसबुक पर पढ़ीं तो मेरा अपने भाग्य पर इतराना लाज़मी था कि इतने उम्दा शायर मेरे फेसबुक मित्र हैं. फिर उनसे दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में मुलाकात हुई और उनके […]

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हिन्दी का सम्मान करें

हिन्दी, हमारी राष्ट्रभाषा, हमारी मातृभाषा, व्यवहार की भाषा! स्कूलों की सामान्य बोलचाल की भाषा अब “हिंग्लिश” या “इंग्लिश” होती जा रही! हिन्दी पढ़ाई ही जाती है और कोशिश की जाती है बच्चा बोले तो अंग्रेजी के मानसरोवर से चुने हुये शब्दपुष्प झरने लगे उसके मुख से! अध्ययन अध्यापन में भी हिन्दी विभाग को छोड़कर अन्यान्य विषयों को या तो अंग्रेजी […]

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बदलते स्कूल

अब अप्रैल में नया सत्र शुरु हो जाता है, मगर कुछ साल पहले तक अप्रैल भर हम सबके पेपर होते थे| धूल भरी आंधी और तेज़ धूप, अम्बिया के पेड़ पर पत्थर चलाना पेपर के बाद और मिल जाये तो घर आकर उसकी चटनी बनवाना| पढ़ाई तो स्कूल वाले साल भर करवाते ही थे मगर आम तो साल में एक […]

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