संस्मरण

मुझे बेलापुर से ठाणे आना था | कोई तो लफड़ा था ट्रेन में, बेलापुर टू ठाणे सारी ट्रेनें बंद हो गयी थीं | अपन का प्लान चेंज हुआ, पहले बेलापुर टू वाशी कैब मार के आना पड़ा | उसके बाद वाशी टू ठाणे की ट्रेन लेना था | वाशी स्टेशन दस बजे पहुँच गए … अगली ट्रेन देखा तो १० […]

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ये मेरी डायरी है

  ये मेरी डायरी है, जिसमें मैं मेरे जज्बात लिखती हूँ। मुझे लेखन की वेरायटी नहीं आती, लेकिन, लिखना अच्छा लगता है, इसलिये लिखती हूँ। मैं लेखक बनूँ या न बनूँ, कोई किताब छपे या नहीं,  मैं फिर भी लिखना चाहती हूँ, क्योंकि, मेरा मानना है कि लिखने से हमारे विचार, जज्बात, सपने सब जिंदा रहते हैं। तब भी.. जब […]

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साहित्यिक पत्रिका के लिए रचनाएँ आमंत्रित हैं

साहित्यिक मासिक पत्रिका ‘पर्तों की पड़ताल के लिए सभी विधाओं में रचनायें आमंत्रित हैं। रचनायें आप sulabhagnihotri.kan@gmail.com पर मेल कर सकते हैं। रचना के साथ अपना चित्र, संक्षिप्त परिचय, डाक का पूरा पता और मोबाइल नं0 अवश्य भेजें। यदि उचित समझें तो पत्रिका की सदस्यता लेकर सहयोग करें। अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें – सुलभ अग्निहोत्री 9839610807

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लेखक ब्रांड स्थापित करना कितना आवश्यक है?

कोई आपकी गर दो पंक्तियाँ नहीं पढ़ता, तो पचास-साठ हज़ार शब्दों की किताब क्या पढ़ेगा? यह सच है। आप जो भी, जहाँ भी लिखते हैं, चाहे वो राजनैतिक मसले पर राय हो, या कोई कविता हो, या कुछ भी हो, वो आपके ब्रांड से जा रहा है। वो कैज़ुअल लिखना एक लेखक के लिए हानिकारक भी है। आज जितने भी […]

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अच्छे लेखन का अर्थ क्या है?

हर लेखक को इस बात को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि अच्छे लेखन का अर्थ सिर्फ अच्छी बातें लिखना नहीं बल्कि बातों को अच्छी तरह लिखना भी होता है. विषय और विचार के साथ भाषा और शैली पर भी उतनी ही मेहनत करें।

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