स्वागत करें प्रवीण झा का

‘भूतों के देश में’ के मायावी लेखक डॉ प्रवीण झा अब ‘लिटरेचर लाइफ’ में भी निरंतर अपने शब्दों के इंद्रजाल बुन रहे हैं. किंडल रीडिंग को प्रोत्साहन देने वाले प्रवीण झा हिंदी और अंग्रेज़ी, दोनों ही भाषाओँ पर सामान अधिकार रखते हैं और हम हिंदी के लेखकों के बीच नॉर्वेजियन भाषा पर तो एकाधिकार ही रखते हैं. आइए स्वागत करें, प्रवीण झा का.

 

 

One comment

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *