पिछले कुछ दिनों किंडल पर पढ़ी पुस्तकें

पिछले कुछ दिनों में अमेज़न किंडल पर पढ़ी पुस्तकें : भूतों के देश में : आइसलैंड की यात्रा का रोमांचकारी वर्णन समेटे हुए यह किताब पन्ने पलटते हुए आपको अलौकिक आभास करवाएगी। नॉर्वे निवासी खाँटी बिहारी लेखक व रेडियोलॉजिस्ट Praveen Jha जी द्वारा टाइपित (सिर्फ ऑनलाइन उपलब्ध) खिलंदर साहित्य का अद्वितीय उदाहरण यह पुस्तक बर्फीले देश, भूत, तांत्रिक, अलहदा जीवनशैली, […]

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साहित्यिक पत्रिका के लिए रचनाएँ आमंत्रित हैं

साहित्यिक मासिक पत्रिका ‘पर्तों की पड़ताल के लिए सभी विधाओं में रचनायें आमंत्रित हैं। रचनायें आप sulabhagnihotri.kan@gmail.com पर मेल कर सकते हैं। रचना के साथ अपना चित्र, संक्षिप्त परिचय, डाक का पूरा पता और मोबाइल नं0 अवश्य भेजें। यदि उचित समझें तो पत्रिका की सदस्यता लेकर सहयोग करें। अधिक जानकारी के लिए सम्पर्क करें – सुलभ अग्निहोत्री 9839610807

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राकेश शंकर भारती का कहानी-संग्रह नीली आँखें की समीक्षा

  नीली आँखें- पूर्वी यूरोप और यूक्रेन के समाज पर रोमाँचक कहानियों का अनोखा संग्रह राकेश शंकर भारती का कहानी संग्रह नीली आँखें दस कहानियों का अनूठा संग्रह है इस बार हम नवजागरण प्रकाशन की तरफ़ से सिर्फ़ पूर्वी यूरोप के समाज और परिवेश पर आधारित कहानियों को ही जगह दे रहे हैं। “नीली आँखें” की सारी कहानियाँ काफ़ी दिलचस्प […]

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प्रगति का मन्त्र पारस्परिक सहयोग है

आज का आधुनिक युग कोलैबोरेशन यानि कि पारस्परिक सहयोग का युग है. कुछ समय पहले तक परिश्रम या हार्ड वर्क को सफलता का मूल मन्त्र माना जाता था. परिश्रम की महत्ता से इंकार नहीं है. मगर अत्यधिक परिश्रम न सिर्फ बहुत अधिक थकान देता है बल्कि कर्म के आनंद को तनाव में भी बदल देता है. यदि हार्ड वर्क के […]

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आज लेखक एक ब्रांड है

आजकल किताब के साथ लेखक भी बिकता है. आज लेखक एक ब्रांड है. अंग्रेज़ी और खासतौर पर अन्तराष्ट्रीय साहित्य के बाज़ार में तो यह लम्बे समय से होता आ रहा है. लेखक के किताब लिखने से पहले ही मीडिया में ख़बरें आने लगती हैं कि फलां लेखक ने फलां किताब के लिए फलां पब्लिशर से 6 या 7 अंकों का […]

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लेखक ब्रांड स्थापित करना कितना आवश्यक है?

कोई आपकी गर दो पंक्तियाँ नहीं पढ़ता, तो पचास-साठ हज़ार शब्दों की किताब क्या पढ़ेगा? यह सच है। आप जो भी, जहाँ भी लिखते हैं, चाहे वो राजनैतिक मसले पर राय हो, या कोई कविता हो, या कुछ भी हो, वो आपके ब्रांड से जा रहा है। वो कैज़ुअल लिखना एक लेखक के लिए हानिकारक भी है। आज जितने भी […]

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कुछ बातें अच्छे लेखन पर

कुछ बातें लेखन पर हो जाएँ. वैसे तो अच्छे लेखन की कोई तयशुदा परिभाषा नहीं होती. अच्छा-बुरा, सब्जेक्टिव ही होता है. यदि आप अपने लेखन से एक लेखक, पाठक और आलोचक के रूप में संतुष्ट हैं, तो किसी अन्य की प्रतिक्रिया की अधिक परवाह न करें. अपने आलोचक स्वयं बनें. लिखने के बाद पढ़ें और सोचें कि क्या आप पाठक […]

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अपनी पुस्तक को पिच कैसे करें?

कुछ बातें पुस्तक को पिच करने पर। सबसे पहले तो पुस्तक का एक अच्छा सा सिनोप्सिस या सारांश लिख लें, जो आकर्षक और दिलचस्प हो, जिसे पढ़कर पुस्तक पढ़ने की उत्सुकता हो। सिनोप्सिस लिखना अपने आप में एक कला है। कुछ लेखक पूरा उपन्यास लिख लेते हैं मगर एक पन्ने का सिनोप्सिस नहीं लिख पाते। इंटरनेट पर बुक सिनोप्सिस सर्च […]

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अपनी पुस्तक के लिए प्रकाशक कैसे चुनें?

आप लिखते हैं तो यह भी चाहते हैं कि आपका लेखन पाठकों तक पहुँचे और आपकी लेखक के रूप में पहचान बने। इसके लिए ज़रूरी होता है आपके लेखन का प्रकाशन। पुस्तक का प्रकाशन एक बड़ी चुनौती होती है, न सिर्फ नए लेखक के लिए बल्कि अनुभवी और स्थापित लेखकों के लिए भी क्योंकि प्रकाशकों की अपनी पसंद और प्राथमिकताएँ […]

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