कथा संरचना: कथावाचक (नैरेटर) की भूमिका

अक्सर पहली पंक्ति से ही स्पष्ट हो जाता है कि कथावाचक है कौन? अमूमन लेखक स्वयं ही कथावाचक होते हैं। यही सुलभ भी है। पर लेखक कथा में हों, यह आवश्यक नहीं। अगर लेखक कथा में होते भी हैं, तो उनकी भूमिका नायक की तरह लगभग नहीं होती। वो तटस्थ रूप से कथा कहते रहते हैं, पात्रों से बतियाते हैं […]

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कथा संरचना – लेखन शैली पर कुछ बातें

प्रवीण झा ने कथा संरचना में पहली पंक्ति के महत्त्व पर जो बातें कही हैं उनसे ही आगे कहना चाहता हूँ. प्रवीण ने बहुत सही बात कही कि यदि पहली पंक्ति ही उत्सुकता न जगाए तो पढ़ने का उत्साह ठण्डा पड़ने लगता है. दरअसल पहली पंक्ति ही नहीं बल्कि पहला पूरा पैराग्राफ ही बहुत महत्वपूर्ण होता है. पहला पैराग्राफ ही […]

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कथा संरचना: पहली पंक्ति का महत्त्व

किसी भी उपन्यास, कथा या फ़ेसबुक पोस्ट का पहला वाक्य एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आज के समय में पहला वाक्य पढ़ कर ही लोग रचना जाँच लेते हैं, पर यह पहले भी था। शातिर प्रकाशक भी यह खूब समझते हैं। गर आप किताब लिखने बैठे, और पहले वाक्य को बार–बार काट कर ठीक कर रहे हैं, तो उस उपन्यास का […]

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