डार्क नाइट की समीक्षा

इस साल एक बार फिर से उपन्यास पढ़ने की ख़्वाहिश हुई। वैसे तो मैं ख़ुद एक कहानीकार हूँ और कहानियाँ पढ़ना ही ज़्यादा पसंद है। फिलहाल एक हज़ार शब्दों के अंदर भी कहानियाँ लिखी जा रही है। लेकिन ऐसी कहानियों में अभी भी अपने आपको बाँध नहीं पाता हूँ। मेरी कहानियाँ दो हज़ार से ऊपर शब्दों में होती हैं। खैर […]

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इरॉटिका, इरॉटिक रोमांस और पोर्न में अंतर क्या है?

जब मैंने ‘डार्क नाइट’ लिखना शुरू किया और लोगों से कहा कि वह एक इरॉटिक रोमांस होगा तो कई भौहें नृत्य करने लगीं। कई किस्म के प्रश्न उठे, क्या वह एक और फिफ्टी शेड्स टाइप का उपन्यास होगा से लेकर क्या वह मस्तराम या सविता भाभी जैसा होगा? लोग आमतौर पर इरॉटिक रोमांस, इरॉटिका और पोर्न के बीच अंतर नहीं […]

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मैंने इरॉटिक रोमांस क्यों लिखा?

डार्क नाइट लिखते समय मन में कई संशय और भय थे. पहली बात तो यह कि इरॉटिक विधा की मेरी स्वयं की जानकारी सीमित थी और दूसरी बात यह कि इसे पोर्न कहकर नकारा या दुत्कारा न जाए. मगर फिर भी मन में इस विधा पर लिखने की एक बलवती इच्छा थी. उसका सबसे बड़ा कारण मेरा अपना यह मत […]

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मैं किंडल पर क्यों पढता हूँ?

आप किंडल पर क्यों पढ़ें यह आपका व्यक्तिगत मामला है। इस बारे में मैं कुछ नहीं बोल सकता। ये बताता हूँ कि मैं क्यों पढ़ता हूँ। मेरी किताबों से पहचान शैशव में हुई थी। पिताजी वयस्क शिक्षा में पर्यवेक्षक थे तो उनके पास बड़े बड़े कैलेंडर जैसे चार्ट थे अक्षर ज्ञान के लिये। कुछ चार्टों को लाकर पिताजी ने घर […]

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बर्मिंघम के भारतीय उपदूतावास में काव्य पाठ

ब्रिटेन के बर्मिंघम शहर के भारतीय उपदूतावास में स्पेनिश ईसाई संत सेंट जॉन ऑफ द क्रॉस की कविता ‘डार्क नाइट ऑफ द सोल’ का संदीप नैयर द्वारा किया हिंदी रूपांतरण का पाठ।

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