मैं किंडल पर क्यों पढता हूँ?

आप किंडल पर क्यों पढ़ें यह आपका व्यक्तिगत मामला है। इस बारे में मैं कुछ नहीं बोल सकता। ये बताता हूँ कि मैं क्यों पढ़ता हूँ। मेरी किताबों से पहचान शैशव में हुई थी। पिताजी वयस्क शिक्षा में पर्यवेक्षक थे तो उनके पास बड़े बड़े कैलेंडर जैसे चार्ट थे अक्षर ज्ञान के लिये। कुछ चार्टों को लाकर पिताजी ने घर […]

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